देहरादून। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में एक अद्भुत सामाजिक समरसता और आत्मीयता का दृश्य देखने को मिला। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंची सैकड़ों बहनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपनी सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनका आभार जताया और पूरे प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का भावनात्मक नजारा देखने को मिला। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची बहनों ने मुख्यमंत्री धामी की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनका आभार जताया और प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। प्रदेश की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद उन्हें उत्तराखंड की सेवा और राज्य के विकास के लिए निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति न केवल परिवार की मजबूत आधारशिला है, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं से महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण और स्वावलंबन के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य की सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की लखपति दीदी की परिकल्पना को उत्तराखंड में तेजी से धरातल पर उतारा गया है। प्रदेश में अब तक तीन लाख नौ हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि, हस्तशिल्प और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी आजीविका मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रही हैं। सरकार की ओर से मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला समूहों के स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, स्वरोजगार, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही सशक्त उत्तराखंड और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुचि भट्ट समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाएं मौजूद रहीं।

