उत्तराखंड में जनगणना का शंखनाद: 35 हज़ार ब्लॉकों में बंटेगा प्रदेश; 1 सितंबर से तीन ज़िलों के 131 हिमाच्छादित गांवों में पहला चरण

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी जनगणना की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश को जनगणना के लिए करीब 35 हजार ब्लॉकों में बांटने की तैयारी की जा रही है। भवन गणना के दौरान सामने आए आंकड़ों के आधार पर ब्लॉकों की संख्या बढ़ाने का फैसला संभावित है। इससे जनगणना के दौरान प्रगणकों और सुपरवाइजरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। दिसंबर में संभावित सामान्य जनगणना को देखते हुए जनगणना निदेशालय ने नजरी नक्शे तैयार करने और नए ब्लॉकों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रदेश में भवन गणना का काम पूरा हो चुका है। इसके दौरान करीब 45 लाख भवनों का आंकड़ा सामने आया है, जबकि प्रदेश की अनुमानित आबादी करीब 1.27 करोड़ आंकी गई है। भवन गणना के लिए उत्तराखंड को पहले 29,665 ब्लॉकों में विभाजित किया गया था। अब भवनों की वास्तविक संख्या सामने आने के बाद ब्लॉकों की संख्या बढ़कर करीब 35 हजार होने की उम्मीद है। जनगणना व्यवस्था के तहत एक ब्लॉक में करीब 800 भवन रखे जाने हैं। इसके लिए पहले नजरी नक्शे तैयार किए जाएंगे और उसके बाद नए ब्लॉकों की सीमाएं तय कर उन्हें चिह्नित किया जाएगा। ब्लॉकों की संख्या बढ़ने का सीधा असर जनगणना के लिए लगाए जाने वाले कर्मचारियों की संख्या पर पड़ेगा। इसके लिए बड़ी संख्या में प्रगणक और सुपरवाइजरों की तैनाती की जाएगी। जनगणना निदेशालय इस बार कर्मचारियों की तैनाती को लेकर विशेष सावधानी बरत रहा है। पिछली भवन गणना के दौरान एकल स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से कुछ स्थानों पर शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई थीं। अब प्रयास किया जा रहा है कि जनगणना कार्य के लिए ऐसे कर्मचारियों का चयन किया जाए, जिससे सरकारी सेवाओं और खासकर स्कूलों की नियमित व्यवस्था पर कम से कम असर पड़े। इसी उद्देश्य से जनगणना निदेशालय ने प्रदेश के नगर निगमों से संपर्क कर कर्मचारियों की सूची मांगी है। इन सूचियों के आधार पर जरूरत के अनुसार कार्मिकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरा करने के साथ ही स्थानीय प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्थाएं भी सुचारू बनी रहें। उत्तराखंड में जनगणना का पहला चरण सामान्य क्षेत्रों से अलग हिमाच्छादित इलाकों में पहले शुरू किया जाएगा। एक सितंबर से तीन जिलों के 131 गांवों में जनगणना की प्रक्रिया शुरू होनी है। इसे देखते हुए जनगणना निदेशालय ने मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देने का काम पूरा कर लिया है। पहले चरण के लिए निदेशालय के 25 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया है। ये मास्टर ट्रेनर अगले सप्ताह संबंधित तीन जिलों में पहुंचकर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद हिमाच्छादित क्षेत्रों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जनगणना निदेशालय की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र से जनगणना को लेकर अभी विस्तृत दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। हालांकि, निदेशालय अपने स्तर से तैयारियों में जुटा हुआ है। फिलहाल एक सितंबर से शुरू होने वाले पहले चरण के कार्यों को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। भवन गणना के आंकड़ों ने उत्तराखंड की जनसंख्या और आवासीय ढांचे की तस्वीर को नए सिरे से सामने रखा है। अब इन्हीं आंकड़ों के आधार पर नए ब्लॉकों का गठन और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। ऐसे में आगामी जनगणना प्रदेश के प्रशासनिक नियोजन और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए भी अहम साबित होने वाली है।