हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के दौरे पर पहुँचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और उनकी कार्यशैली की जमकर सराहना की। 'धामी सरकार के 4 साल बेमिसाल' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने मुख्यमंत्री की तारीफों के पुल बांधे और स्पष्ट किया कि धामी के विजन के कारण ही आज उत्तराखंड विकास की दौड़ में चार गुना तेजी से आगे बढ़ रहा है। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य की एक-एक समस्या को चुन-चुनकर समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। अपने संबोधन में अमित शाह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि धामी सरकार ने राज्य में 10 हजार से ज्यादा अवैध अतिक्रमणों को उखाड़कर फेंक दिया है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि देश में जहाँ-जहाँ भी घुसपैठिए हैं, उन्हें चुन-चुनकर बाहर निकालने का काम किया जा रहा है। शाह ने देवभूमि में कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए मुख्यमंत्री के साहसिक निर्णयों की सराहना की।
गृह मंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी की शुरुआत की है। अब सबको एक ही कानून के दायरे में रहना होगा।" शाह ने जोर देकर कहा कि यूसीसी जनसांख्यिकी में होने वाली अप्राकृतिक त्रुटियों और असंतुलन को दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, उन्होंने राज्य के सख्त 'नकल विरोधी कानून' का जिक्र करते हुए कहा कि इससे रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व पारदर्शिता आई है। रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए अमित शाह ने कहा कि आज 1900 युवाओं को पुलिस आरक्षी के पद पर जो नियुक्ति मिली है, वह धामी सरकार की ईमानदारी का प्रमाण है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "अगर आज कांग्रेस की सरकार होती, तो बिना 'पर्ची' (सिफारिश) और 'खर्ची' (रिश्वत) के नौकरी नहीं मिलती। अब युवाओं को नौकरी के लिए किसी को रिश्वत नहीं देनी पड़ती। आगामी हरिद्वार कुंभ पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि यह आयोजन पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा और पूरे भारत की शान बनेगा। उन्होंने कहा कि आज जहाँ धामी सरकार के चार साल बेमिसाल रहे हैं, वहीं केंद्र की भाजपा सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल ने देश में ऐतिहासिक परिवर्तन किए हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए मुख्यमंत्री धामी को विशेष रूप से बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।