Tuesday, June 25, 2024
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सीएम धामी के दिल्ली दौरे से उत्तराखंड में फिर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

उत्तराखंड में सीएम धामी के दिल्ली दौरे के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होने की उम्मीद फिर तेज नजर आ रही है। साथ ही विपक्षी पार्टियों की ओर से बयान से भी इस बात की पुष्टि भी हो रही हैं। वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत सीएम को नसीहत दी है कि अगर मंत्रिमंडल विस्तार से स्थिलता आ सकती है तो मंत्रिमंडल का विस्तार करें लेकिन अगर कुछ गड़बड़ी हो सकती है तो विस्तार ना करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद से राज्य में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। चर्चाएं है कि आने वाले कुछ दिनो में धामी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हो सकता है। इन चर्चाओं को बल इसलिए भी मिल रहा है क्योंकि केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी बड़े बदलाव की आशंका जताई जा रही है। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन ने मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी मांगी थी। ऐसे में उत्तराखंड की राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। जिसके बाद से ही चर्चाएं शुरू हो गई है कि सीएम धामी के देहरादून लौटने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। यही नहीं सीएम के दिल्ली दौरे के चौथे दिन कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत को भी दिल्ली बुला लिया गया है। ऐसे में प्रदेश मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। वहीं जब सीएम ने राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष से मुलाकात की तो इस बात को अधिक बल मिलने लगा कि कैबिनेट विस्तार पर हरी झंडी मिल गई है। लेकिन अभी भी इस पर सस्पेंस बरकरार है कि खाली पड़े चारों मंत्री के पदों को भरा जाएगा या फिर कुछ पदों को ही भरा जाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार धामी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल होने की संभावना है। जिसके तहत कुछ वर्तमान मंत्री हटाए जा सकते हैं। साथ ही चार नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने कहा कि धामी मंत्रिमंडल में चार पद खाली हैं जिनको भरा जाना है लेकिन केंद्रीय नेतृत्व का जो भी मार्गदर्शन होगा और जो भी उचित समय होगा। उसमें मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा धामी मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह विषय उनके स्तर का नहीं है। ऐसे में जो भी आलाकमान निर्णय लेगा। उसी के अनुरूप काम होंगे। वहीं, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति चाहे वो मंत्री हो या प्रदेश का पदाधिकारी उसका रिपोर्ट कार्ड तैयार होता है, लेकिन प्रदेश में सीएम समेत सभी मंत्री बेहतर काम कर रहे हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि मंत्रिमंडल विस्तार से स्थिलता आ सकती है तो मंत्रिमंडल का विस्तार करें लेकिन अगर लग रहा है कि कुछ गड़बड़ी हो सकती है तो पद को खाली रखें। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है कि उनका कितना आत्मविश्वास खुद पर और पार्टी के सहयोगियों पर है। वही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार भाजपा का अंदरूनी मामला है लेकिन जिस तरह से सीएम धामी के कैबिनेट के साथी उनका सहयोग नहीं कर रहे हैं. ऐसे में विपक्ष सीएम की परेशानी को समझ सकता है। हालांकि ये दो साल सीएम धामी के लिए बहुत कठिन रहे। ऐसे में मंत्रिमंडल में रिसफल कर उनके सहयोग करने वाले साथियों को लिया जाए वहीं अगर नकारे मंत्रियों को हटाया जाता है तो विपक्ष बहुत खुश है।

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