39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए खिलाड़ियों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग: ओलंपिक संघ के साथ ब्लूप्रिंट तैयार

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उत्तराखंड के खेल और खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य को लेकर सूबे की खेल मंत्री रेखा आर्या ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। राज्य का मान बढ़ाने वाले राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को अब अपनी आजीविका के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा, क्योंकि सरकार उन्हें बहुत जल्द 'आउट ऑफ टर्न' (बिना परीक्षा के सीधे) सरकारी नौकरी देने जा रही है। सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में आयोजित खेल विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान खेल मंत्री ने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में निर्देश दिया कि आगामी अगस्त महीने तक हर हाल में नौकरियों की विज्ञप्ति जारी कर दी जाए। खेल मंत्री ने इस कार्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों को हक देने में अब एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में राज्य के खेल बुनियादी ढांचे और खेल शिक्षा को लेकर कई अन्य बड़े मील के पत्थर तय किए गए। खेल मंत्री रेखा आर्या ने उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय का शैक्षिक सत्र इसी साल से शुरू करने के लिए अधिकारियों को युद्ध स्तर पर नियुक्तियां करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के पहले सत्र में प्रवेश (एडमिशन) के लिए विषयों का चयन पूरी तरह से किया जा चुका है। इसके साथ ही, पहाड़ की बेटियों के लिए एक और खुशखबरी साझा करते हुए खेल मंत्री ने बताया कि 'महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट' की प्रवेश प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई है और आगामी जुलाई महीने से यहां भी पहला ऐतिहासिक शैक्षिक सत्र विधिवत रूप से प्रारंभ हो जाएगा। उत्तराखंड में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए भी विभाग ने कमर कस ली है। खेल मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल और विशेष प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए तत्काल 'उत्तराखंड ओलंपिक संघ' के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करें। इसके अलावा, ग्रामीण और ब्लॉक स्तर की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेल मंत्री ने राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में 'मिनी स्टेडियम' स्थापित करने की महात्वाकांक्षी योजना पर विशेष जोर दिया, जिससे गांवों तक खेल सुविधाओं का जाल बिछाया जा सके। खेल मंत्री ने विभाग को अपनी कार्यशैली में तेजी लाने की हिदायत देते हुए 'नई खेल नीति' बनाने के काम को भी रिकॉर्ड समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार के विजन को धरातल पर उतारने के लिए विशेष प्रमुख सचिव (खेल) अमित सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह और उपनिदेशक शक्ति सिंह समेत खेल विभाग के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।