Mar 02, 2026

विविध कृषि मॉडलों का समर्थन करने के लिए ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती पर 80 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करेगी उत्तराखंड सरकार

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देहरादून। लोक भवन देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय वसंतोत्सव-2026 का रविवार को भव्य समापन हुआ। पुष्पों की मनमोहक प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नवाचार से भरपूर इस आयोजन ने हजारों दर्शकों को आकर्षित किया। इस वर्ष की चल वैजयंती (रनिंग ट्रॉफी) आईआईटी रुड़की के नाम रही, जिसने 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं ओएनजीसी ने 4 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप-श्रेणियों में कुल 161 पुरस्कार वितरित किए गए। समापन समारोह में गुरमीत सिंह (सेनि.) और पुष्कर सिंह धामी ने पुष्प प्रदर्शनी, रंगोली, बच्चों की चित्रकला, फोटोग्राफी सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया। इस वर्ष पहली बार ‘गवर्नर्स अवार्ड’ की शुरुआत की गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों की श्रेणी में बागेश्वर के दीपक गड़िया प्रथम, रुद्रप्रयाग के कपिल शर्मा द्वितीय और पिथौरागढ़ के शुभम सिंह तृतीय स्थान पर रहे। महिला कृषक श्रेणी में चंपावत की राधा राणा प्रथम, अल्मोड़ा की कविता मेहरा द्वितीय और पौड़ी गढ़वाल की शांति जुयाल तृतीय रहीं। वहीं स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों में टिहरी के देवेंद्र सिंह चौहान प्रथम, नैनीताल के पंकज मेहता द्वितीय और हरिद्वार के उज्ज्वल सैनी तृतीय स्थान पर रहे।

समापन समारोह में आईएमए और आईटीबीपी के पाइप बैंड की मधुर धुनों ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। राज्यपाल ने कहा कि तीन दिनों में लगभग साढ़े तीन लाख लोगों की उपस्थिति और उनके चेहरों पर दिखी प्रसन्नता इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव का उद्देश्य फूलों के माध्यम से सकारात्मकता, संतुलन और रचनात्मकता का संचार करना है। उद्यान विभाग के स्टॉलों में यह दर्शाया गया कि पुष्प किस प्रकार स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए उपयोगी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वसंतोत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में लगभग 656 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प खेती हो रही है, जो कम लागत में अधिक आय का माध्यम बन रही है। सरकार द्वारा समग्र पुष्प नीति, मंडी शुल्क में छूट, विपणन सुविधाएं और मौनपालन अनुदान जैसी योजनाओं से किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई है, जिनमें 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम बताया। रंग, सुगंध और नवाचार से सराबोर वसंतोत्सव-2026 ने एक बार फिर राज्य की समृद्ध जैव-विविधता और सांस्कृतिक जीवंतता को राष्ट्रीय पटल पर उजागर किया।