Apr 18, 2026

तीर्थयात्री संतुष्टि प्राथमिकता: उत्तराखंड सरकार ने बदरीनाथ और केदारनाथ दर्शन के लिए दैनिक कोटा हटाया

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देहरादून। विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का इंतजार खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जय बदरी-विशाल और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ तीर्थयात्री हिमालय की कंदराओं में बसे धामों की ओर बढ़ चले हैं। इस वर्ष यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 17.87 लाख लोग अपना पंजीकरण करा चुके हैं।

यात्रा का आगाज 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। इसके बाद 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ और 23 अप्रैल को भगवान बदरीविशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालु अगले छह माह तक इन पवित्र धामों में दर्शन कर सकेंगे।प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रा को सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक मर्यादा के अनुरूप बनाने के लिए पांच बड़े बदलाव किए हैं। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश से पहले पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का मिश्रण) ग्रहण करना अनिवार्य होगा। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में गैर-हिंदुओं और गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मंदिरों के 50 से 60 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यात्रियों के फोन रखने के लिए लॉकर रूम की सुविधा दी जाएगी। पूजा शुल्क में वृद्धि: बदरीनाथ में श्रीमद्भागवत कथा के लिए 1 लाख और केदारनाथ में दिन भर की विशेष पूजा के लिए 51 हजार रुपये शुल्क देना होगा। केदारनाथ में विशेष पूजाएं अब रात में होंगी, ताकि दिन में आम यात्री सुगमता से दर्शन कर सकें। दर्शन संख्या की सीमा खत्म: सरकार ने इस बार प्रतिदिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या की बाध्यता को समाप्त कर दिया है, जिससे अधिक यात्री दर्शन कर पाएंगे। यात्रा मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए ड्रोन और 1290 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 57 केंद्र और 177 एंबुलेंस तैनात हैं। संवेदनशील इलाकों में 36 एपीएनआर और 27 पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रहे। केदारनाथ के लिए हेली सेवा की बुकिंग 15 जून तक फुल हो चुकी है, जो यात्रा के प्रति जबरदस्त आकर्षण को दर्शाती है।