नई दिल्ली। यूपी के मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। दरअसल, यहां तलाक लेने के बाद एक बेटी ढोल-नगाड़ों के साथ अपने मायके पहुंची, जहां परिजनों ने उसका जोरदार स्वागत किया। इस अनोखे जश्न का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसपर लोग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मामला मेरठ के शास्त्रीनगर का है और उत्तराखंड कैडर के सेवानिवृत्त जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी बेटी प्रणिता वशिष्ठ के तलाक को दुख नहीं, बल्कि स्वाभिमान की जीत के रूप में मनाया। दरअसल, मेरठ के शास्त्रीनगर इलाके के रहने वाले रिटायर्ड जज डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी प्रणिता की शादी 2018 में शाहजहांपुर के रहने वाले गौरव अग्निहोत्री से की थी। गौरव सेना में मेजर हैं और जालंधर में तैनात हैं। प्रणिता का एक बेटा भी है, लेकिन ससुरालियों का उत्पीड़न बढ़ता चला गया। मामला इतना बड़ा कि प्रणिता ने तलाक लेने का फैसला कर लिया। इसके बाद मामला फैमिली कोर्ट पहुंचा तो और प्रणिता और गौरव का तलाक मंजूर कर लिया गया। तलाक होने के बाद पिता और रिश्तेदारों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। खबरों के मुताबिक प्रणिता के भाई की 2022 के सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। इसी बीच बेटी प्रणिता के ससुरालियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न ने सभी को झकझोर दिया, लेकिन रिटायर्ड जज पिता बेटी का हौसला बने और तलाक लेने के लिए कह दिया। आखिरकार तलाक हुआ, लेकिन यहां दुख नहीं, जश्न मनाया गया और ये जश्न लोगों के लिए मिसाल बन रहा है। प्रणिता अपने पिता की इकलौती बेटी हैं। इस दौरान प्रणिता ने बताया कि मैंने फैमिली को बचाने की सोची थी। 2021 में भी तलाक होने वाला था, लेकिन मेंटेलिटी नहीं बदली। मेरे पिता ने साथ दिया। मैं कहना चाहती हूं कि ऐसा परिवार सबको मिले। वहीं डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा का कहना है कि बेटी के पैदा होने पर भी ढोल नगाड़े बजे थे, इसको बताना था आज भी बेटी का वही महत्व है।
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मेरठ का तलाक जश्न समाज के लिए प्रेरणा
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