Mar 25, 2026

इंडक्शन के बढ़ते प्रयोग से बदला लोड का गणित, उत्तराखंड में बिजली विभाग ने जारी किए आंकड़े।

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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम में ठंडक आने के बावजूद बिजली की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। प्रदेश में इन दिनों रोजाना बिजली की खपत 4.4 करोड़ यूनिट से अधिक दर्ज की जा रही है, जिससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। उत्पादन कम होने के कारण उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के सामने आपूर्ति बनाए रखना चुनौती बन गया है।

ऊर्जा विभाग के अनुसार, राज्य में स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन काफी कम है। यूजेवीएनएल का उत्पादन इस समय न्यूनतम स्तर पर लगभग 58 लाख यूनिट प्रतिदिन पर पहुंच गया है। इसके मुकाबले मांग काफी अधिक होने के कारण यूपीसीएल को केंद्रीय पूल से करीब 1.2 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त हो रही है। शेष बिजली की व्यवस्था बाजार और अन्य स्रोतों से की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गैस की कमी के चलते इंडक्शन चूल्हों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बिजली की खपत में इजाफा हो रहा है। इसी को देखते हुए यूपीसीएल ने भविष्य में बिजली की मांग में लगभग 200 मेगावाट अतिरिक्त वृद्धि का अनुमान जताया है। हालांकि वर्तमान में प्रदेश में कहीं भी घोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है और मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, बिजली की मांग और अधिक बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एमआर आर्य के अनुसार, निगम भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार कर रहा है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ऊर्जा विभाग का फोकस फिलहाल मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने पर है, ताकि प्रदेशवासियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।