Mar 14, 2026

बजट 2026 का विश्लेषण: शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर राज्य सरकार ने लगाया सबसे बड़ा दांव

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गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के आख़िरी दिन शुक्रवार को सदन में विभागवार बजट पारित किए गए। चर्चा के बाद विभिन्न विभागों के लिए रखे गए बजट को मंजूरी दी गई। सदन में वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखते हुए बड़ी धनराशि का प्रावधान किया है।  सत्र के अंतिम दिन बजट पर चर्चा के बाद विभागवार विनियोग पारित किए गए। निर्वाचन विभाग के लिए 223 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया, जबकि राजस्व एवं सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 2731 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का प्रावधान किया गया। वहीं वित्त, कर, नियोजन, सचिवालय और अन्य सेवाओं के लिए सबसे बड़ा प्रावधान करते हुए 20,361 करोड़ रुपये का बजट रखा गया।  आबकारी विभाग के लिए 55 करोड़ रुपये से अधिक और लोकसेवा आयोग के लिए 34 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया। 

कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस और जेल विभाग के लिए 3524 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण और संस्कृति विभाग के लिए 13,552 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी धनराशि का प्रावधान किया गया है, जो इस बजट का प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 4546 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया। वहीं जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास विभाग के लिए 4243 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया। सूचना विभाग के लिए 549 करोड़ रुपये से अधिक, श्रम और रोजगार विभाग के लिए 586 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। कृषि एवं कृषि अनुसंधान विभाग के लिए 1495 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि रखी गई, जबकि सहकारिता विभाग के लिए 132 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए ग्राम्य विकास विभाग के लिए 3860 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए 1591 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है। ऊर्जा विभाग के लिए 1976 करोड़ रुपये से अधिक और लोक निर्माण विभाग के लिए 3580 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया. उद्योग विभाग के लिए 584 करोड़ रुपये से अधिक और खाद्य विभाग के लिए 1648 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग के लिए 504 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। वहीं वन विभाग के लिए 1149 करोड़ रुपये से अधिक और पशुपालन विभाग के लिए 925 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत अनुसूचित जाति के लिए 2468 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति के लिए 746 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया.बजट सत्र के अंतिम दिन विभागवार बजट पारित होने के साथ ही विधानसभा की कार्यवाही समाप्त हो गई। सरकार का कहना है कि इस बजट के जरिए प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

बजट पर चर्चा के बाद विभागवार रखा गया बजट
निर्वाचन के लिए रखा गया 223 करोड़ से अधिक का बजट
राजस्व एवं सामान्य प्रशासन के लिए 2731 करोड़ से अधिक का बजट
वित्त, कर, नियोजन, सचिवालय और अन्य सेवाओं के लिए 20,361 करोड़ का बजट
आबकारी के लिए 55 करोड़ से अधिक का बजट
लोकसेवा आयोग के लिए 34 करोड़ से अधिक का बजट
पुलिस और जेल के लिए 3524 करोड़ से अधिक का बजट
इसके अलावा शिक्षा, खेल और युवा कल्याण के साथ ही चिकित्सा के लिए भी अच्छा बजट रखा गया है.

शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण और संस्कृति 13,552 करोड़ से अधिक का बजट
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 4546 करोड़ से अधिक का बजट
जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास के लिए 4243 करोड़ से अधिक का बजट
सूचना विभाग के लिए 549 करोड़ से अधिक का बजट
श्रम और रोजगार के लिए 586 करोड़ से अधिक का बजट
कृषि एवं कृषि अनुसंधान के लिए 1495 करोड़ से अधिक का बजट
सहकारिता विभाग के लिए 132 करोड़ से अधिक का बजट
ग्राम्य विकास विभाग के लिए 3860 करोड़ से अधिक का बजट
सिंचाई एवं बाढ़ के लिए 1591 करोड़ से अधिक का बजट
ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी के साथ ही उद्योग और खाद्य विभाग का भी बजट में अच्छा ध्यान रखा गया है

ऊर्जा विभाग के लिए 1976 करोड़ से अधिक का बजट
लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए 3580 करोड़ से अधिक का बजट
उद्योग विभाग के लिए 584 करोड़ से अधिक का बजट
खाद्य विभाग के लिए 1648 करोड़ से अधिक का बजट
पर्यटन विभाग के लिए 504 करोड़ से अधिक का बजट
वन विभाग के लिए 1149 करोड़ से अधिक का बजट
पशुपालन विभाग के लिए 925 करोड़ से अधिक का बजट
समाज कल्याणविभाग के अंतर्गत अनुसूचित जाति के लिए लिए 2468 करोड़ का बजट
अनुसूचित जनजाति के लिए 746 करोड़ से अधिक का बजट