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आरएसएस के प्रांत कार्यालय पहुंचे सीएम धामी, स्वयंसेवकों संग मनाई दीपावली,सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

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देहरादून। दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के तिलक रोड स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांत कार्यालय पहुंचकर पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों के साथ दीपोत्सव की खुशियां साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा दीपावली के पारंपरिक उत्सव के साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के संदेश से भी जुड़ा रहा।

आरएसएस के प्रांत कार्यालय में आयोजित इस दीपावली मिलन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, निराशा से आशा की ओर और असत्य से सत्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दीपावली का महत्व केवल घरों में दीप जलाने और उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मकता, सद्भाव और सेवा की भावना को आत्मसात करने का भी अवसर है। मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता और आपसी सहयोग को पर्व की महत्वपूर्ण विशेषता बताते हुए कहा कि दीपावली समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता को मजबूत करने का संदेश देती है। यह ऐसा अवसर है, जब लोग आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करते हैं और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्योहारों का विशेष महत्व रहा है। प्रत्येक पर्व अपने साथ कोई न कोई जीवनमूल्य और सामाजिक संदेश लेकर आता है। दीपावली भी हमें व्यक्तिगत खुशियों से आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा देती है। सेवा, सहयोग और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सामूहिक रूप से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करता है, तभी एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। दीपावली मिलन के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर उनका संदेश भारतीय परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और राष्ट्र के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करने पर केंद्रित रहा।