रुद्रपुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का तीन दिवसीय धरना स्थगित, मांगें न मानने पर देहरादून में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

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रुद्रपुर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर रुद्रपुर स्थित जिला मुख्यालय पर आयोजित तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन रविवार को समाप्त हो गया। प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकजुट हुए किसानों ने प्रभारी जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय को मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो अगला आंदोलन राज्य की राजधानी देहरादून में होगा, जिसे अनिश्चितकालीन रूप से जारी रखा जाएगा।

किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने स्पष्ट किया कि संगठन के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत तीन दिवसीय धरना पूरा होने पर इसे फिलहाल स्थगित किया गया है, लेकिन किसानों का संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मांगों के प्रति गंभीर रवैया नहीं अपनाती है, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत से परामर्श कर अगली रणनीति तय की जाएगी। सहोता ने किसानों से अपील की कि वे आवश्यकता पड़ने पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, राशन और जरूरी सामान के साथ देहरादून कूच करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने सरकार से किसी भी प्रकार के टकराव से बचते हुए समय रहते समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। प्रभारी जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए हैं। बिजली बिल माफी और मुफ्त बिजली: सभी कृषि ट्यूबवेलों के बिजली बिल पूर्ण रूप से माफ किए जाएं तथा घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 300 यूनिट तक नि:शुल्क बिजली दी जाए। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूर्व में स्थापित मीटरों को हटाया जाए।  किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए तथा पहाड़ी जनपदों के किसानों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि दी जाए। गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 700 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। इसके साथ ही काशीपुर की बंद चीनी मिल से संबंधित वर्ष 2007 के लगभग 1 करोड़ रुपये और वर्ष 2011-12 के करीब 25 करोड़ रुपये के बकाये का तत्काल भुगतान कराया जाए। बाजपुर के 20 गांवों की भूमि पर क्रय-विक्रय, लोन और खाद से संबंधित लगाई गई रोक हटाई जाए और किसानों को भूमि पर पूर्ण मालिकाना हक व कब्जा दिया जाए। प्रभारी जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के बेटे की तबीयत खराब होने के कारण वे स्वयं उपस्थित नहीं हो सके थे। किसानों ने भी मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए स्थिति को समझा और सहयोग व्यक्त किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी दी कि सोमवार दोपहर तीन बजे जिलाधिकारी के समक्ष किसान प्रतिनिधियों की एक विशेष वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि वार्ता के बाद संतोषजनक परिणाम नहीं निकले, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।