उत्तराखंड में मतदाता सत्यापन अभियान तेज: 24.30 लाख नोटिस जारी, 57 हजार से अधिक नए नाम जोड़ने के आवेदन

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देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष मतदाता सत्यापन अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने गुरुवार को प्रेसवार्ता कर अभियान की प्रगति और महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेशभर में 24,30,157 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 20 लाख नोटिस, यानी 83 प्रतिशत, संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि 16.56 प्रतिशत नोटिसों का वितरण अभी शेष है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वितरित किए गए नोटिसों में लगभग 90 प्रतिशत मामले विभिन्न प्रकार की विसंगतियों से जुड़े हैं। इन विसंगतियों के समाधान के लिए मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें चुनाव आयोग की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने पर मामलों का समाधान आसानी से किया जाएगा। डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि अभियान के दौरान अब तक 57,493 लोगों ने मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया है, जबकि करीब 22 हजार लोगों ने विभिन्न कारणों से नाम हटाने के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि नाम हटाने के प्रत्येक आवेदन की गहन जांच की जाएगी और इसकी समीक्षा के लिए हर सप्ताह बैठक आयोजित होगी, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से सूची से न हटे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) की संतुष्टि सबसे महत्वपूर्ण होगी। यदि किसी व्यक्ति का घर प्राकृतिक आपदा में बह गया हो या अन्य विशेष परिस्थितियां हों और बीएलओ तथा ईआरओ तथ्यों से संतुष्ट हों, तो नियमानुसार नोटिस का निस्तारण किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने मतदाताओं से समय पर नोटिस का जवाब देने और सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है।