Thursday, June 13, 2024
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उत्तराखण्डः फर्जी प्रमाणपत्रों पर शिक्षक कर रहा था नौकरी! जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा, शिक्षा विभाग ने किया बर्खास्त

रुद्रपुर। जसपुर के रामजीवनपुर गांव में हाईस्कूल और इंटर के फर्जीप्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा हरेन्द्र कुमार मिश्रा ने जांच के बाद आरोपी शिक्षक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त शिक्षक बीते 24 साल से राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामजीवनपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात था। बता दें कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामजीवनपुर में जसपुर निवासी हरगोविंद सिंह की तैनाती वर्ष 2000 में हुई थी। हरगोविंद ने नियुक्ति के दौरान हाईस्कूल, इंटर तथा अदीब, कामिल जामिया उर्दू अलीगढ़ के प्रमाण पत्र लगाए थे। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने की शिकायत कुछ लोगों ने विभाग से की थी और विभाग से जांच की मांग की। जांच में आरोपी शिक्षक के हाईस्कूल और इंटर के प्रमाणपत्र फर्जी मिले। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया की जसपुर में हरगोविंद सहायक अध्यापक पद पर तैनात थे जिनकी जांच चल रही थी कि इनके द्वारा जो नियुक्ति पाई गई है जिसमें हाईस्कूल ओर इंटरमीडिएट के अंक पत्र फर्जी है जिसकी जांच की गई थी। जांच मे सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए थे, जिसके बाद 2020 में इनको सेवा से बर्खास्त किया गया था। फिर इनके द्वारा न्यायालय में अपील की गई थी, जिसमें न्यायालय द्वारा कहा गया कि पुनः इसकी जांच की जाए, जिसमें फिर से जांच की गई जो इनकी नियुक्ति का आधार था वो माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के हाईस्कूल ओर इंटरमीडिएट के अंकपत्र का ही आधार था। जिसमे पुनः जांच करने के बाद अंक पत्र फर्जी पाए गए और इनका पक्ष भी जाना गया, जिसमें इनके पक्ष में कोई संतोषजनक जवाब नही मिला। उस जांच के आधार पर इनको सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

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