Thursday, June 13, 2024
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उत्तराखंड में 2030 तक 20 लाख लोगों को रोजगार! प्रदेश की पहली सेवा क्षेत्र नीति को मिली मंजूरी

उत्तखण्ड सरकार 2030 तक सेवा क्षेत्र में 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करके 20 लाख स्थानीय लोगों को रोजगार देगी। इस लक्ष्य के साधने के लिए मंगलवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की पहली सेवा क्षेत्र नीति को मंजूरी दी गई।

नीति में निवेशकों के लिए प्रति प्रोजेक्ट 25 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी और भूमि आवंटन का प्रावधान किया गया है। लेकिन दोनों में से निवेशक को एक रियायत मिलेगी। इससे 10 लाख श्रमिकों का कौशल विकास भी होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कुल छह प्रस्तावों पर मुहर लगी। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक, सेवा क्षेत्र नीति में स्वास्थ्य, आतिथ्य ( होटल और कन्वेंशन), वेलनेस और पारंपरिक चिकित्सा ( वेलनेस सेंटर, आयुर्वेद, वेलनेस रिजार्ट योगा सेंटर), शिक्षा ( कॉलेज, विवि और विद्यालय स्कूल), फिल्म व मीडिया ( फिल्म सिटी), खेल व आईटी और आईटीईएस तथा डेटा सेंटर के क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें सरकार नीति के तहत निवेशकों को निवेश के लिए आकर्षित करेगी। पूंजीगत सब्सिडी के लाभ के लिए न्यूनतम पूंजी निवेश जरूरी होगा। सेवा क्षेत्र नीति से आने वाले दिनों में पहाड़ में बड़ी हॉस्पिटल चेन, स्कूल चेन, विवि, कॉलेज, वेलनेस रिजॉर्ट खुलेंगे। जिससे एक ओर जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तो दूसरी ओर पहाड़ के युवाओं के लिए रोजगार की नई राह खुलेगी। स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली में विश्वस्तरीय स्कीइंग सेंटर बनेगा। इसका मास्टर प्लान लागू करने के लिए पर्यटन विभाग के तहत औली विकास प्राधिकरण बनाने का निर्णय लिया गया। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। बदरीनाथ धाम में दीवारों और मार्गों पर इतिहास और पौराणिक गाथाओं पर आधारित विशेष प्रकृति की कलाकृतियां व मूर्तियां लगेंगी। यह काम बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान बनाने वाली मैसर्स आईएनआई डिजाइन स्टूडियो प्रा.लि. को दिया गया है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी। शैक्षिक अर्हता के पेच की वजह से अपर निजी सचिव भर्ती 2017 के चयन से बाहर हुए चार अभ्यर्थियों शिवानी धस्माना, दीपक डिमरी, राशिद व महेश प्रसाद को हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने भर्ती में शामिल करने का निर्णय लिया है। इनका पाठ्यक्रम 75 फीसदी समतुल्य होने के कारण चयन योग्य माना गया। पीक आवर्स में बिजली की जरूरत को पूरा करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने प्रदेश की पहली पंप स्टोरेज नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पंप भंडारण परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में इस क्षेत्र की चिन्हित क्षमता का दोहन करना, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का प्रबंधन व सदुपयोग कर ग्रिड स्थिरता प्रदान करना है। प्रदेश में गैस आधारित प्लांट को कैबिनेट ने बड़ी राहत दी है। ऐसे संयंत्र के देश से सीएनजी गैस पर वसूले जा रहे 20 मूल्य वर्धित कर (वैट) नहीं वसूला जाएगा। बाहरी देशों से प्राप्त की जा रही तरल गैस पर पहले से वैट लागू नहीं है। इससे ऊधमसिंह नगर में गैस आधारित प्लांट संचालित हो सकेगा और प्रदेश में बिजली आपूर्ति की कमी को दूर किया जा सकेगा।

 

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