Wednesday, February 28, 2024
No menu items!
Homeउत्तराखंडसिलक्यारा-बड़कोट में फिर गूंजी 38 दिन बाद मजदूरों की आवाज

सिलक्यारा-बड़कोट में फिर गूंजी 38 दिन बाद मजदूरों की आवाज

सिलक्यारा सुरंग का निर्माण बड़कोट की ओर से फिर शुरू हो गया है। 41 मजदूरों के फंसने के प्रकरण के बाद जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसके बाद सिल्क्यारा की ओर से भी काम प्रारंभ हो जाएगा। सुरंग निर्माण तकरीबन 480 मीटर अभी शेष है। मंत्रालय की ओर से गठित विशेषज्ञ जांच समिति ने सिलक्यारा हादसे की जांच शुरू कर दी है। 4.531 किमी लंबी सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का अब केवल 480 मीटर हिस्सा बचा हुआ है। इस हिस्से के निर्माण के लिए नवयुगा कंपनी ने बड़कोट सिरे से काम शुरू कर दिया है। जांच पूरी होने के बाद सिलक्यारा की ओर वाले सिरे से भी काम शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा कि सुरंग का निर्माण नए साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सिलक्यारा सुरंग हादसे की जांच करने के बाद टीम दिल्ली लौट गई है। टीम ने यहां करीब चार दिन तक जांच पड़ताल की। अब यह टीम मंत्रालय को अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर ही सुरंग के सिलक्यारा हिस्से का काम शुरू किया जाएगा। फिर टीम को एक माह में विस्तृत रिपोर्ट देनी है। दूसरी ओर एनएचआईडीसीएल को सिकल्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी कंपनियों के बिल का इंतजार है। तमाम कंपनियों ने अपनी मशीनरी को यहां मंगाकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया था। उनके बिल आने के बाद एनएचआईडीसीएल इसका पूरा खर्च नवयुगा कंपनी से वसूल करेगा। नवंबर में हुई बैठक के मिनट्स परिवहन मंत्रालय ने जारी किए हैं। इसमें चार पेज की एक रिपोर्ट भी रखी गई, जिसमें बताया गया कि 41 मजदूरों के फंसने, उन्हें बाहर निकालने और अंत में खोडुस (रैट माइनर्स) अभियान को अंत तक पहुंचाने का जिक्र करते हुए बचाव दलों की प्रशंसा की गई है। अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, परिवहन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह (सेनि.) की सक्रियता और निगरानी की भी तारीफ की गई। साथ ही पीएमओ के पूर्व सलाहकार भाष्कर खुल्बे, एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद, राज्य सरकार के सचिव डॉ. नीरज खैरवाल की सक्रियता की तारीफ भी की गई है। इधर एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु मनीष खल्खो, ने बताया कि जांच के बाद ही काम शुरू होगा, लेकिन बड़कोट सिरे से कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। अभी जांच टीम की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। बचाव में लगी कंपनियों के बिल के आधार पर ऑपरेशन के खर्च का कुल बिल निर्माण कंपनी को दिया जाएगा।

सम्बंधित खबरें
- Advertisment -

ताजा खबरें