Wednesday, February 28, 2024
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उत्तराखंड पर्यटन विभाग और आईआरसीटीसी के बीच एमओयू! चलाई जाएगी मानसखंड एक्सप्रेस ट्रेन

उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग एक नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत अब श्रद्धालु मानसखंड मंदिरों समेत प्रदेश के दूरस्थ मंदिरों के आसानी से दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए मानसखंड एक्सप्रेस ट्रेन संचालित किए जाने को लेकर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और भारतीय रेलवे कैटरिंग एवं टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एमओयू साइन किया गया। ऐसे में मानसखंड स्थित तमाम मंदिरों के टूर के लिए पहली ट्रेन अप्रैल माह में कोलकाता से शुरू की जाएगी।

मानसखंड एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन को लेकर हुए एमओयू के तहत उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद का सालाना करीब पांच करोड़ रुपया खर्च होगा। पर्यटन विभाग के इस पहल से भारत के सुदूर इलाकों के सैलानी भी उत्तराखंड के तमाम दर्शनीय स्थलों का दीदार कर सकेंगे। इस ट्रेन के संचालन से राज्य के पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यटन विभाग ने तय किया है कि भविष्य में तमिलनाडु से कार्तिक स्वामी मंदिर (रुद्रप्रयाग), उड़ीसा से जगन्नाथ मंदिर (उत्तरकाशी) समेत अन्य स्थानों के लिए भी यात्रा कार्यक्रम बनाए जाएंगे। मानसखंड एक्सप्रेस ट्रेन से आने वाले यात्रियों को पूर्णागिरी, हाट कालिका, पाताल भुवनेश्वर, मायावती, बालेश्वर, मानेश्वर, जागेश्वर, गोलू देवता-चितई, नंदा देवी, कसार देवी, कटारमल अल्मोड़ा, नानकमत्ता गुरुद्वारा, खटीमा और नैना देवी नैनीताल समेत अन्य स्थलों का दर्शन करवाया जाएगा। मानसखंड एक्सप्रेस ट्रेन में 500 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे. ट्रेन के सभी यात्री डिब्बे सेकंड एसी के रहेंगे. ट्रेन में यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था होगी। भोजन के रूप में यात्रियों को उत्तराखंड के व्यंजन भी परोसे जाएंगे। यात्री ट्रेन के जरिए नजदीकी रेलवे स्टेशन तक पहुंचेंगे। उसके बाद बस के जरिए यात्रियों को तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा के दौरान होटल की व्यवस्था, भोजन की व्यवस्था, बसों से भ्रमण, गाइड आदि को टुअर पैकेज के रूप में आईआरसीटीसी सुनिश्चित करेगा। ये करीब 5 से 6 दिन का पैकेज रहेगा। जिसका रेट जल्द ही आईआरसीटीसी की ओर से जारी किया जाएगा। इसके साथ ही इस ट्रेन को उत्तराखंड से जुड़े तमाम स्थानों, उत्तराखंडी व्यंजन और उत्तराखंड लोक पर्व के चित्रों से सजाया जाएगा। जिससे देश के विभिन्न शहरों से गुजरने पर इन स्थानों के बारे में आम जनमानस को जानकारी भी मिल सकेगी।

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