Tuesday, July 16, 2024
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हल्द्वानी– जरूरत के समय अपनों ने ही छोड़ा बेसहारा, सहारा बन आगे आए समाजसेवी हेमन्त गौनिया, कराया लावारिस मरीज का दाह संस्कार

हल्द्वानी। समाजसेवी हेमंत गोनिया, योगा शिक्षिका स्निग्धा सक्सेना, दिशा सामाजिक संगठन हल्द्वानी, मुक्तिधाम समिति हल्द्वानी कोतवाली पुलिस नैनीताल एंबुलेंस समिति हल्द्वानी के सहयोग से आज शुक्रवार को लावारिस मरीज भास्कर दत्त उम्र 74 साल का चित्र शीला घाट मुक्तिधाम टनकपुररोड हल्द्वानी नैनीताल में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार दाह संस्कार किया गया।

आपको बता दें की भास्कर दत्त को हेमंत गोनिया द्वारा सोबन सिंह जीना चिकित्सालय हल्द्वानी में भर्ती कराया गया था उन्हें सांस की बीमारी थी। इसके साथ ही हाथ पैरों पर सूजन भी थी। उन्हें अस्पताल से पूर्व में प्रेम रतन आश्रम लामाचौर पर भी रखा गया था। बीमार होने पर उन्हें अस्पताल लाया गया और यहीं पर उनकी मृत्यु हो गई। वहीं भास्कर भट्ट के इलावारिस होने के कारण उनके शव को पोस्टमार्टम हाउस राजकीय मेडिकल कॉलेज सुशीला तिवारी पर रखा गया था। वहीं शिनाख्त के लिए इनके परिजनों को हेमंत गोनिया द्वारा फोन भी किया गया उन्होंने फोन नहीं उठाया। लेकिन समाजसेवी हेमंत गोनिया द्वारा पुलिस से इन पर दबाव बनाया गया और मृतक भास्कर के परिजन आज हल्द्वानी पहुंचे। जिनमें इनकी दो बेटियां और एक जमाई जिन्होंने दाह संस्कार नहीं किया केवल अपने हस्ताक्षर कर अपनी कार से वापस लौट गए। जिसके बाद हेमंत गोनिया द्वारा शहर के सभी लोगों के साथ मिलकर अपने संसाधनों से और सभी के सहयोग से मृतक का हिंदू रीति रिवाज के अनुसार पुलिस की मौजूदगी में दाह संस्कार कराया। जिसमें हेमंत गोनिया, स्निग्धा सक्सेना पुलिसकर्मी ललित सक्सेना ने मुक्तिधाम पहुंचकर इनके दाह संस्कार में संपूर्ण औपचारिकताएं पूरी की और 2 मिनट मौन रखकर इनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

बता दें की मृतक भास्कर दत्त हेमंत गोनिया और स्निग्धा सक्सेना को ही अपनी पुत्र और पुत्री मानते थे हेमंत गोनिया और स्निग्धा सक्सेना द्वारा ही इनके लिए हमेशा इलाज के लिए इनकी देखरेख के लिए संपूर्ण खर्चा उठाया गया था। आपको बता दें की पहले भास्कर दत्त मैग्नेटाइट फैक्ट्री पर कार्य करते थे फैक्ट्री बंद होने के बावजूद वह बेरोजगार हो गए अपने पुत्र और पुत्री होते हुए भी वह दर-दर की ठोकरें खा रहे थे। और इतना ही नहीं उनके अपनों ने जरूरत के समय उनसे मुंह मोड़ लिया। समाजसेवी हेमन्त गौनिया ने बताया की निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों को सेवा और सहायता की उनका संकल्प है यही उनका मकसद।

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