Tuesday, July 16, 2024
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मुख्यमंत्री धामी ने सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम! नैनीताल के दीकर सिंह का पीएम मोदी ने किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 102वें एपिसोड को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने चक्रवात बिरपजॉय, जलवायु परिवर्तन, कृषि, कला, संस्कृति और स्वास्थ्य समेत तमाम मुद्दों पर बात की। वहीं देहरादून में सीएम पुष्कर धामी समेत कई नेताओं ने मन की बात कार्यक्रम को सुना. वहीं, पीएम मोदी ने नैनीताल के दीकर सिंह मेवाड़ी का जिक्र किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में मन की बात कार्यक्रम को सुना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में चक्रवात बिरपजॉय, जल संरक्षण, टीवी मुक्त अभियान समेत कई मुद्दों पर बात की. जिसे सीएम धामी, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता ने सुना.नैनीताल के दीकर सिंह मेवाड़ी का पीएम मोदी ने किया जिक्रः मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि आज मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने जन भागीदारी, सेवा भाव से होने वाले सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया है. उन्होंने भारत को 2025 तक ‘टीबी मुक्त भारत’ बनाने के संकल्प को दोहराया है. सीएम धामी ने कहा कि पीएम मोदी ने नैनीताल निवासी और निक्षय मित्र दीकर सिंह मेवाड़ी का उल्लेख किया. जिन्होंने टीबी मुक्त भारत के संकल्पों को पूरा करने के मकसद से टीबी के 6 मरीजों को गोद लिया है. वहीं, सीएम धामी ने दीकर सिंह से फोन पर वार्ता कर उनके कार्यों की सराहना की.
बता दें कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 102वां एपिसोड था. इस बार पीएम मोदी ने एक हफ्ते पहले ही मन की बात के जरिए लोगों को संबोधित किया. इसकी वजह भी पीएम मोदी ने बताई. पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि वे अगले हफ्ते अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं. ऐसे में वहां का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है. इसलिए एक हफ्ते पहले मन की बात के जरिए जनता को संबोधित कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में चक्रवात बिरपजॉय, जलवायु परिवर्तन, कृषि, कला, संस्कृति और स्वास्थ्य सभी विषयों को शामिल किया.पीएम मोदी मन की बात कार्यक्रम में हर बार कुछ नया पेश करते हैं, ताकि समाज को उसकी जानकारी मिल सके. उन्होंने चक्रवात बिरपजॉय से निपटने के लिए कच्छ के लोगों को याद किया. उन्होंने कहा कि देश के पश्चिमी हिस्से में बड़ा चक्रवात आया. तेज हवाएं, भारी बारिश ने कच्छ में भारी तबाही मचाई है, लेकिन कच्छ के लोगों ने जिस साहस और तैयारी के साथ खतरनाक चक्रवात का मुकाबला किया, वो काफी अभूतपूर्व है। पीएम मोदी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं है, लेकिन आपदा प्रबंधन की जो ताकत भारत ने विकसित की है, वो आज मिसाल बन रही है. प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला करने का एक बड़ा तरीका प्रकृति का संरक्षण है. आज देश ‘कैच द रेन’ जैसे सामूहिक प्रयास कर रहा है. लोगों ने अपनी इस प्राकृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने का फैसला किया. लोगों के सामूहिक प्रयास से नीम नदी फिर से बहने लगी है.पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ये भी कहा कि नदी के उद्गम स्थल, हेड वाटर को भी अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है. उन्होंने जल संरक्षण का जिक्र करते हुए बांदा और बुंदेलखंड में पानी की कमी बताया. इसके अलावा उन्होंने टीबी मुक्त भारत बनाने को लेकर चलाए जा रहे अभियान का भी जिक्र किया. जिसे उत्तराखंड में सीएम धामी समेत तमाम दिग्गजों ने सुना।

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