Mar 23, 2026

प्रदर्शन आधारित शासन: मुख्यमंत्री धामी को उम्मीद, पांच नए मंत्री छह महीने के भीतर दिखाएंगे परिणाम

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देहरादून।  उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल विस्तार के महज कुछ दिनों बाद पांच नए कैबिनेट मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों में प्राथमिकताएं तय कर ली हैं। 20 मार्च को शपथ लेने वाले इन मंत्रियों भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, खजान दास और राम सिंह कैड़ा के सामने अब लंबित योजनाओं को धरातल पर उतारने और नई योजनाओं को रफ्तार देने की बड़ी चुनौती है। 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही इन मंत्रियों के पास एक साल से भी कम समय बचा है, जिसमें वे अपनी परफॉर्मेंस साबित कर जनता का विश्वास जीतना चाहते हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री धामी ने अपने पास से कई विभाग इन नए मंत्रियों को सौंप दिए हैं, और अब ये मंत्री जोश और उत्साह के साथ काम शुरू करने को तैयार दिख रहे हैं।

पहली बार कैबिनेट मंत्री बने भरत सिंह चौधरी (ग्राम्य विकास, एमएसएमई और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग) ने युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार का 'लखपति दीदी' लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने पर फोकस रहेगा। महिला स्वयं सहायता समूहों के स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और पैकेजिंग में सुधार कर उनके कारोबार को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों पर आधारित छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा।

पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक ने पंचायतों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायतों को सौंपे जाने वाले 29 विषयों का हस्तांतरण, पंचायत भवन विहीन 850 से अधिक पंचायतों में भवन निर्माण, प्रति पंचायत भवन धनराशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का प्रस्ताव कैबिनेट से पास कराना और पलायन से खाली हो चुके एक हजार से अधिक गांवों को फिर से आबाद करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना जैसे विभागों में भी जन और राज्य हित में त्वरित निर्णय लिए जाएंगे।

परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुराज, विज्ञान प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता बताई। उन्होंने परिवहन निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन सुनिश्चित करने, निगम को लाभ में लाने और बस सुविधा रहित क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने पर फोकस करने की बात कही। जनहित को ध्यान में रखकर आईटी और अन्य क्षेत्रों में काम किया जाएगा।

समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण एवं भाषा मंत्री खजान दास ने पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग महत्वपूर्ण है, लेकिन अक्सर जांच-पड़ताल और आरोप सामने आते हैं। ऐसी स्थिति क्यों है, इसका पता लगाकर यदि कमी है तो सुधार किया जाएगा। योजनाओं को धरातल पर उतारने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन एवं शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने पर विशेष फोकस की बात कही। उन्होंने बताया कि पहाड़ों में नौला और धारें सूख रही हैं, जो बड़ी चुनौती है। जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए कार्य किया जाएगा। बरसात के पानी का संग्रहण चाल-खाल के माध्यम से जलागम विभाग से कराया जाएगा। पौधरोपण अभियान चलाकर हरियाली बढ़ाई जाएगी। शहरी विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने का प्रयास रहेगा।ये प्राथमिकताएं स्पष्ट संकेत देती हैं कि धामी सरकार अब चुनावी मोड में पूरी तरह सक्रिय हो गई है। नए मंत्रियों का उत्साह और स्पष्ट लक्ष्य जनता तक पहुंचकर सरकार की छवि मजबूत करने में मददगार साबित हो सकते हैं। यदि ये योजनाएं समय पर पूरी हुईं तो 2027 में भाजपा के लिए यह बड़ा प्लस पॉइंट साबित होगा।