देहरादून। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी ‘टीम इलेवन’ मैदान में उतार दी है। लंबे समय से चल रही कैबिनेट विस्तार की अटकलों पर विराम लगाते हुए धामी सरकार ने पांच नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल कर चुनावी रणनीति को स्पष्ट कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी यानी हैट्रिक।
चार साल के कार्यकाल के बाद हुए इस कैबिनेट विस्तार को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें जहां अनुभव और युवा ऊर्जा का मिश्रण देखने को मिला है, वहीं क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की भी कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री धामी खुद इस टीम के कप्तान की भूमिका में हैं और उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि अब हर मंत्री को चुनावी मैदान में प्रदर्शन करना होगा। कैबिनेट में जिन नए चेहरों को जगह मिली है, उनमें रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी, भीमताल से राम सिंह कैड़ा और रुड़की से प्रदीप बत्रा शामिल हैं। वहीं, अनुभवी नेताओं में खजान दास और मदन कौशिक को भी टीम में शामिल किया गया है। दोनों पहले भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और संगठनात्मक व प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। इस विस्तार का सबसे बड़ा संदेश क्षेत्रीय संतुलन को लेकर सामने आया है। खासतौर पर हरिद्वार जिले को लेकर पार्टी ने विशेष रणनीति बनाई है। इस बार हरिद्वार से दो मंत्रियों को शामिल कर वहां संगठन को मजबूती देने का प्रयास किया गया है। 2017 के चुनाव में भाजपा के पास यहां 11 में से 8 सीटें थीं, जो घटकर अब केवल 3 रह गई हैं। ऐसे में मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा के कंधों पर जिले में पार्टी की स्थिति मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
वहीं, रुद्रप्रयाग जिले को नौ साल बाद कैबिनेट में प्रतिनिधित्व मिला है। यह कदम गढ़वाल क्षेत्र में राजनीतिक संतुलन साधने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे पहले त्रिवेंद्र सरकार के दौरान इस जिले को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई थी। अब भरत चौधरी को मंत्री बनाकर पार्टी ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने का संकेत दिया है। देहरादून जिले में पहले से ही भाजपा की मजबूत स्थिति है, जहां 10 में से 9 सीटें पार्टी के पास हैं। इसके बावजूद खजान दास को कैबिनेट में शामिल कर दलित वोटबैंक को साधने की रणनीति पर काम किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी आगामी चुनाव में सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए हर वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है। भीमताल से राम सिंह कैड़ा को मंत्री बनाकर युवाओं को साधने का भी प्रयास किया गया है। पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाया जा रहा है और उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री धामी ने अपनी ‘टीम इलेवन’ के जरिए चुनावी पिच पर संतुलित और रणनीतिक शुरुआत की है। अब देखना होगा कि यह टीम मैदान में कितना प्रभावी प्रदर्शन कर पाती है और क्या भाजपा 2027 में जीत की हैट्रिक लगा पाती है। फिलहाल, नए मंत्रियों के सामने खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती है, जबकि विपक्ष भी इस नई टीम पर नजर बनाए हुए है।