परीक्षा और पेपर लीक की चिंताओं को लेकर कांग्रेस ने छात्रों से संवाद की मांग की

Blog
 Image

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी नेता पवन खेड़ा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के साथ कथित कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए प्रदर्शन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाब मांगने उनके आवास की ओर मार्च कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक दिन पहले छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जिम्मेदारी लेने से बच रही है और संसद में भी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कराना चाहती।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री से जवाब मांग रही है। उन्होंने सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग भी की और आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण देश के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों को राजनीतिक मुद्दे के बजाय गंभीर राष्ट्रीय विषय के रूप में देखा जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में छात्र किसी परीक्षा या भर्ती व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो सरकार को उनके साथ संवाद करना चाहिए और उनकी शिकायतों का समाधान करना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को दबाने का प्रयास किया गया। पार्टी ने मांग की कि छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ कदम उठाने की जरूरत है। उनका आरोप है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों से पहले ही छात्रों के बीच असुरक्षा और अविश्वास का माहौल बना हुआ है। ऐसे में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित कार्रवाई से स्थिति और गंभीर हो सकती है।